ट्रेन हादसे के शिकार व्यक्ति को सेकंड क्लास पैसेंजर कहने पर भड़का सुप्रीम कोर्ट, 8 लाख का मुआवजा भी दिलाया
नई दिल्ली।, जुलाई 18 -- ट्रेन हादसे में जान गंवाने वाले एक यात्री के कानूनी दस्तावेजों में सेकंड क्लास पैसेंजर यानी कि द्वितीय श्रेणी का यात्री शब्द के इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताई है। एक याचिका पर सुनवाई करते हुए देश की शीर्ष अदालत ने इस शब्दावली को भारत के सामाजिक इतिहास में मौजूद वर्ग विभाजन से जोड़ते हुए इसे भारतीय संविधान की भावना के खिलाफ और अपमानजनक करार दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने पीड़ित परिवार के हक में एक बड़ा फैसला सुनाते हुए रेलवे को मुआवजा देने का आदेश दिया है।कोच सेकंड क्लास हो सकता है, यात्री नहीं: सुप्रीम कोर्ट जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने अपने 19 पन्नों के फैसले में इस बात को विशेष रूप से रेखांकित किया। अदालत ने कहा, "दस्तावेजों और मैनुअल को देखने के दौरान एक बात ने हमारा ध्यान ...
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