नई दिल्ली, अगस्त 4 -- हेमलता कौशिक, नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के उस निर्देश को सही ठहराया है जिसमें रेलवे को 2012 में ट्रेन के अंदर सामूहिक बलात्कार की शिकार हुई एक यात्री को 3 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया गया है। अदातल ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के फैसले के खिलाफ रेल मंत्रालय की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि रेलवे पीड़िता को सुरक्षित माहौल देने के लिए जिम्मेदार है।पीड़िता मुआवजा पाने की हकदार जस्टिस अमित बंसल की पीठ ने NHRC के फैसले के खिलाफ रेल मंत्रालय की याचिका खारिज कर दी और कहा कि रेलवे पीड़िता को सुरक्षित माहौल देने के लिए जिम्मेदार है। यह एक हिंसक वारदात की तरह है। इसमें पीड़िता मुआवजा पाने की हकदार है। रेलवे मुआवजा देने के लिए जिम्मेदार है।एनएचआरसी का निर्देश गलत...