अंबेडकर नगर, फरवरी 27 -- अम्बेडकरनगर, संवाददाता। रंगोत्सव का पर्व करीब है। दो मार्च को होलिका दहन होगा और तीन मार्च को रंग-अबीर उड़ेगा। प्रवासी अपनों के संग होली मनाने घर आने को तत्पर हैं, लेकिन उन्हें परिवहन की असुविधा की मार सहनी पड़ रही है। होली में नौकरी पेशा और कामकाजी समेत प्रवासी घर लौटने को बेताब हैं। त्योहार को अपनों के साथ घर पर मनाने की उनकी लालसा पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा और व्यवस्था रोड़ा बन रही है। ट्रेन और बस की जहां किल्लत है, वहीं ऑनलाइन टिकट वाली स्लीपर बसों के किराए में अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी बाधक बन रही है। दिल्ली, अमृतसर, लुधियाना, अहमदाबाद, बड़ौदा, सूरत, मुंबई, पुणे, नागपुर, बंगलूरू कोलकाता व अन्य शहरों को जाने और आने वाली सीधी अथवा वाया लखनऊ वाराणसी किसी ट्रेन में बर्थ खाली नहीं है। सभी ट्रेनों में नो रूम है। अब सहा...