बोकारो, जनवरी 31 -- बेरमो, प्रतिनिधि। एटक के झारखंड प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष लखन लाल महतो ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा औद्योगिक ठहराव के लिए आक्रामक ट्रेड यूनियन वाद को जिम्मेदार ठहराने वाली आलोचना को सख्ती से खारिज करती है और इस पर काला एतराज करती है। सुप्रीम कोर्ट की ये टिप्पणियां और साथ ही साथ घरेलू कामगारों के लिए न्यूनतम मजदूरी की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई से इंकार करना अत्यंत ही चिंताजनक, परेशान करने वाला और सामाजिक न्याय, समानता तथा श्रम की गरिमा के संवैधानिक दायित्व के विपरीत है। एटक दृढ़ता से कहती है कि ट्रेड यूनियन आर्थिक विकास में बाधा नहीं है बल्कि संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त लोकतांत्रिक संस्थाएं हैं जो मजदूरों की गरिमा आजीविका और अधिकारों की रक्षा करती है। स्वतंत्रता संग्राम में ब्रिटिश और ओपनिवेशिक शासन के खिल...
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