हरिद्वार, मई 21 -- हरिद्वार, संवाददाता। संयुक्त संघर्षशील ट्रेड यूनियन मोर्चा ने ट्रेड यूनियन नेताओं पर दर्ज मुकदमों का कड़ा विरोध करते हुए इसे श्रमिक आंदोलनों को दबाने की साजिश करार दिया है। मोर्चा के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि पूंजीपतियों के हित में काम कर रही सरकार मजदूरों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है, लेकिन श्रमिकों के अधिकारों की लड़ाई और संघर्ष लगातार जारी रहेगा। गुरुवार को पत्रकार वार्ता के दौरान यूनियन नेताओं ने कहा कि जो भी मजदूरों के हितों की आवाज उठाता है, उसके खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कर गुंडा एक्ट लगाने की तैयारी की जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सिडकुल प्रशासन और सरकार मिलकर श्रमिक आंदोलनों को कमजोर करने का काम कर रहे हैं। यह भी पढ़ें- न्यूनतम वेतन मजदूरों का अधिकार: ट्रेड यूनियन मोर्चा नेताओं ने कहा कि न्यूनतम वे...