रांची, अप्रैल 12 -- रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। आजसू पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर ने कहा है कि ट्रेजरी घोटाले की जांच वरीय आईएएस की अध्यक्षता में करवाने का वित्त विभाग का प्रस्ताव छलावा है। इससे साफ जाहिर है कि बड़ी मछलियों को बचाने की तैयारी शुरू हो गई है। ट्रेजरी घोटाले की निष्पक्ष और और पारदर्शी जांच के लिए सीबीआई को जिम्मा सौंपा जाना चाहिए, तभी सच्चाई सामने आएगी। हैरत जताते हुए उन्होंने कहा कि विनोद पांडे ने कहा है कि यह 14 वर्ष पुराना मामला है। सच तो यह है कि उस समय खुद हेमंत सोरेन वित्त मंत्री थे। उन्होंने कहा कि पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड सिपाही और क्लर्क को बताया जा रहा है, जो संभव नहीं लगता। यह मामला सिर्फ वित्तीय अनियमितता तक सीमित नहीं प्रतीत होता, बल्कि यह एक व्यापक और संगठित भ्रष्टाचार की ओर संकेत करता है। राज्य...