लखनऊ, मई 25 -- शहर के ट्रांसपोर्टरों को कॉमर्शियल वाहनों के लिए नेशनल परमिट चाहिए तो उन्हें वाहनों में नेविगेशन चिप लगाना होगा। इसके लिए उन्हें 15 हजार रुपये खर्च करने होंगे। यदि वह ऐसा नहीं करते हैं तो परिवहन विभाग की तरफ से उन्हें नेशनल परमिट नहीं मिलेगा। जांच के दौरान यदि वाहन में चिप नहीं मिला तो उन पर जुर्माना लगाया जाएगा। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि एक तो जंग के कारण उनका व्यवसाय बुरी तरह से प्रभावित हुआ है अब चिप की अनिवार्यता ने संकट बढ़ा दिया। दरअसल परिवहन विभाग ने नेशनल परमिट के लिए सभी कॉमर्शियल वाहनों पर नेविगेशन चिप लगाना अनिवार्य कर दिया है। ट्रांसपोर्टरों को चिप लगाने में कोई समस्या नहीं, उनमें इस बात को लेकर नाराजगी है कि जिस चिप लगाने के बाद उसका प्रमाण पत्र एक कंपनी लेना अनिवार्य है। कंपनी प्रमाण पत्र देने के एवज में ट्...