नई दिल्ली, अक्टूबर 28 -- सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक महिला संगठन द्वारा दायर जनहित याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। याचिका में चिंता जताई गई कि ट्रांसजेंडर अधिकार कानून का उन संवैधानिक और कानूनी सुरक्षाओं और लाभों पर क्या असर पड़ सकता है, जो जैविक महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने जनहित याचिका पर केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, कानून और न्याय मंत्रालय, तथा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय को नोटिस जारी किया है। 'विमेंस डिक्लेरेशन इंटरनेशनल इंडिया' द्वारा दायर इस याचिका में कई सवाल उठाए गए हैं। इनमें स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए आरक्षण, जेलों में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को रखने की व्यवस्था, महिलाओं की खेल प्रतियोगिता...