नई दिल्ली, जुलाई 23 -- कर्नाटक सरकार ने हाईकोर्ट में एक हलफनामा दायर कर माफी मांगने से इनकार कर दिया है। सरकार का कहना है कि पिछले साल आयोजित जेंडर माइनॉरिटी सर्वे (Gender Minority Survey) के दौरान किसी भी ट्रांसजेंडर व्यक्ति की स्ट्रिप सर्चिंग यानी कि कपड़े उतरवाकर तलाशी नहीं ली गई और न ही किसी को जबरन सत्यापन प्रक्रिया से गुजरने के लिए मजबूर किया गया। सरकार ने अदालत से कहा कि इस मामले में सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का सवाल ही पैदा नहीं होता है। कर्नाटक सरकार ने अपने हलफनामे में जोर देकर कहा कि यह सर्वे ट्रांसजेंडर समुदाय की गरिमा और सम्मान को बनाए रखते हुए एक पूरी तरह से स्वस्थ और संवेदनशील माहौल में आयोजित किया गया था। इसके साथ ही सरकार ने याचिकाकर्ताओं द्वारा मांगी गई मुआवजे और पुनर्वास कोष की मांग को भी खारिज कर दिया। हाईकोर्ट में ...