ट्रंप पर भरोसा करना बड़ी नासमझी
नई दिल्ली, जुलाई 13 -- अमेरिका और ईरान के बीच जब युद्ध-विराम पर सहमति बनी, तब पूरी दुनिया ने राहत की सांस ली थी, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा युद्ध-विराम की समाप्ति के एलान के बाद अब दोनों देशों में फिर से जंग छिड़ गई है। देखा जाए, तो राष्ट्रपति ट्रंप की कथनी और करनी में बहुत फर्क है, इसलिए जब तक दोनों देशों के बीच समझौते पर अंतिम मुहर नहीं लग जाती, तब तक यह नहीं कहा जा सकता कि दोनों देशों के बीच शांति रह सकेगी। दिक्कत यही है कि ट्रंप अपने अस्थिर रुख के कारण कभी भी, कुछ भी फैसला ले लेते हैं। इस बार भी उन्होंने युद्ध-विराम के अंत की एकतरफा घोषणा की। ट्रंप साहब, माना कि आप अपने आपको दुनिया की सबसे बड़ी ताकत मानते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप ऐसे-ऐसे फैसले लेते रहें, जो दुनिया के लिए आफत लेकर आएं। आपको यह समझना होगा कि...
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