नई दिल्ली, अप्रैल 9 -- ईरान और अमेरिका ने 2 सप्ताह तक हमले रोकने का फैसला किया है। इसकी वजह पाकिस्तान की मध्यस्थता बताई जा रही है। अब खबरें हैं कि अमेरिका ही पाकिस्तान के जरिए ईरान के साथ सीजफायर करना चाहता था, जिसके लिए वह इस्लामाबाद पर काफी समय से दबाव बना रहा था। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। हालांकि, सहमति के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुला तो था, लेकिन इजरायल के लेबनान पर हमले के बाद ईरान ने इसे फिर बंद कर दिया है। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मामले से जुड़े जानकारी बताते हैं कि अमेरिका ही ईरान के साथ सीजफायर चाहता था। उन्होंने कहा कि हफ्तों से अमेरिकी के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन इस्लामाबाद पर ईरान को मनाने का दबाव बना रहा था। इसके बाद पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की अगुवाई...