नई दिल्ली, जनवरी 22 -- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड की ओर बढ़ते आक्रामक कदमों को कुछ पीछे खींचकर दुनिया में फौरी राहत का संचार किया है, जो स्वागतयोग्य है। उन्होंने अपना एक कदम पीछे खींचते हुए कहा है कि वह ग्रीनलैंड के लिए ताकत का इस्तेमाल नहीं करेंगे। दूसरा कदम पीछे खींचते हुए कहा है कि वह फिलहाल आठ यूरोपीय देशों पर टैरिफ नहीं लगाएंगे। ऐसा लगता है, नाटो महासचिव मार्क रुट्टे के साथ ट्रंप की मुलाकात के बाद यह बदलाव संभव हुआ है। आगे भविष्य की रूपरेखा तय करने के लिए एक समझौते पर बात होगी। नाटो महासचिव ने अगर ट्रंप को आक्रामकता त्यागने के लिए मनाया है, तो उनकी प्रशंसा होनी चाहिए। ट्रंप जिस दिशा में बढ़ते दिख रहे थे, उससे पूरी दुनिया में चिंता फैल रही थी। अब कम से कम कुछ समय के लिए या ट्रंप के अगले किसी फैसले तक राहत की सांस ली...
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