नई दिल्ली, फरवरी 1 -- Budget 2026: केंद्र सरकार अगला केंद्रीय बजट ऐसे समय पेश कर रही है जब देश की अर्थव्यवस्था को बाहरी दबावों और आंतरिक सीमाओं दोनों का सामना करना पड़ रहा है। बढ़ते वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिका द्वारा कुछ भारतीय उत्पादों पर लगाए गए भारी शुल्क और राजस्व पर पड़ते दबाव के बीच सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह आर्थिक रफ्तार को बनाए रखते हुए राजकोषीय संतुलन भी साधे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आज रविवार को पेश किया जाने वाला यह बजट ऐसे वित्तीय वर्ष के लिए होगा, जिसमें कर कटौतियों के चलते सरकारी खजाने पर करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ने का अनुमान है। ऐसे में सकल घरेलू उत्पाद के अनुपात में सरकारी खर्च को सीमित रखना सरकार की मजबूरी बन गया है। सरकार ने मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए राजकोषीय घाटे ...
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