नई दिल्ली, जून 4 -- औसाफ सईद, पूर्व राजनयिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मई 2026 के आखिर में एक प्रस्ताव रखा कि ईरान समेत सभी अरब और इस्लामी देश अनिवार्य रूप से अब्राहम समझौते में शामिल हों। यह शर्त पश्चिम एशिया में स्थिरता लाने के बजाय वाशिंगटन की राजनीति को बेनकाब करती है। अब्राहम समझौता 2020 में अमेरिका की मध्यस्थता से हुआ ऐतिहासिक कूटनीतिक समझौता है, जिसके तहत इजरायल और कई अरब- मुस्लिम देशों के बीच दशकों पुरानी दुश्मनी को खत्म करके औपचारिक राजनयिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंध स्थापित किए गए हैं। तथ्य यह है कि ट्रंप जिन देशों को इसमें शामिल करना चाहते हैं, उनमें से आधे दशकों से इजरायल के साथ कूटनीतिक रूप से जुड़े हुए हैं। ये देश हैं, मिस्र, जॉर्डन और तुर्किये। वहीं सऊदी अरब, कतर और पाकिस्तान जैसे देशों ने साफ कर दिया है कि मौजूदा पर...