भागलपुर, नवम्बर 25 -- भागलपुर। यातायात पुलिस के द्वारा निर्धारित टोटो के रजिस्ट्रेशन और रूट कोडिंग की नियमित रूप से जांच पड़ताल नहीं हो पा रही है। इस ढिलाई का फायदा उठाकर सैकड़ों चालक फर्जी तरीके से कोडिंग लिखकर अपने वाहन चला रहे हैं। कई टोटो में न तो सही रजिस्ट्रेशन नंबर होता है और न ही वैध परमिट। वे सिर्फ कागज के टुकड़ों पर हाथों से कोडिंग लिखकर या पुराने नंबरों का इस्तेमाल कर सड़कों पर उतर आते हैं। जिससे यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि कौन सा टोटो वैध है और कौन सा अवैध। टोटो चालकों की मनमानी और यातायात पुलिस की निष्क्रियता अब शहर के नागरिकों के बीच चर्चा का विषय बन गई है।
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