फतेहपुर, अप्रैल 25 -- इंटरमीडिएट की परीक्षा में मेधावियों ने साबित कर दिया कि सीमित संसाधनों के बीच भी सफलता का शिखर छुआ जा सकता है। टॉप-फाइव में जगह बनाने वाले यह छात्र मध्यमवर्गीय परिवारों से हैं, जिनमें से अधिकांश ग्रामीण परिवेश से आते हैं। इन होनहारों की सफलता का मूल मंत्र अनुशासन रहा। छात्राओं और छात्रों ने सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाकर केवल पढ़ाई से जुड़े संशय दूर करने के लिए मोबाइल का सहारा लिया। जिला टॉपर ने नोट्स बनाने, निरंतर रिवीजन और सेल्फ स्टडी को अपनी सफलता का आधार बताया है। पेश हैं एक रिपोर्ट.... टापर आर्या ने अपनी सफलता का श्रेय बेहतर टाइम मैनेजमेंट और नियमित छह घंटे की पढ़ाई को दिया है। यह भी पढ़ें- टॉपर्स टॉक: किताबों से दोस्ती,सुख-सुविधाओं को त्याग कर हासिल किया मुकाम बताया कि अपनी तैयारी के लिए उन्होंने ऑनलाइन संसा...