लखनऊ, सितम्बर 21 -- सौरभ शुक्ल अमेरिकन से 100 करोड़ से अधिक की ठगने वाले गिरोह में जालसाजों की भर्तियां टेलीग्राम एप के माध्यम से होती थी। काल सेंटर का हेड प्रियांशु उर्फ शिवा जालसाजों की भर्ती करने के लिए टेलीग्राम एप पर प्रचार प्रसार कर लोगों से संपर्क करता था। इसके बाद उनका ऑनलाइन इंटरव्यू होता था। फिर लखनऊ बुलाकर उन्हें 15 से 20 दिन का प्रशिक्षण दिया जाता था। जालसाजों की भर्ती पर अंतिम मुहर अहमदाबाद में बैठा मास्टरमाइंड लगाता था। वह प्रशिक्षण के बाद वीडियो काल पर साक्षात्कार लेता था।टेलीग्राम से जालसाजों की भर्ती, फिर रटाई जाती स्क्रिप्ट प्रशिक्षण के दौरान सभी को ठगी की स्क्रिप्ट रट्टा मार कर याद कराई जाती थी। यह सनसनीखेज खुलासा जेल भेजे गए 16 जालसाजों ने पुलिस की पूछताछ में किया। पकड़े गए जालसाजों ने पुलिस को बताया कि में बीटेक, एमबी...