वाराणसी, जून 3 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। यूनिट ऑफ ऑर्थोडॉन्टिक्स एंड डेंटोफेशियल ऑर्थोपेडिक्स और आईएमएस बीएचयू के दंत चिकित्सा संकाय की ओर से बुधवार को संगोष्ठी हुई। ट्रॉमा सेंटर के कांफ्रेंस हॉल में आयोजित संगोष्ठी में अलाइनर पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने कहा कि ये आधुनिक ऑर्थोडॉन्टिक उपचार की पारदर्शी एवं आरामदायक तकनीक है, जो दांतों को धीरे-धीरे सही स्थिति में लाती है। मोदीनगर स्थित डीजे कॉलेज ऑफ डेंटल साइंसेज़ एंड रिसर्च के शिक्षाविद् एवं ऑर्थोडॉन्टिस्ट डॉ. वैभव मिश्र ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, थ्रीडी प्रिंटिंग और व्यक्तिगत बायोमेकैनिक्स उपचार में व्यापक बदलाव ला रहे हैं। प्रो. टीपी चतुर्वेदी ने कहा कि अभी तक टेढ़े मेढ़े दांत को सीधा करने के लिए वायर का उपयोग होता है। लेकिन नई तकनीक एलाइनर इसके लिए काफी कारगर साबित हो रहा है...