सोनभद्र, अप्रैल 28 -- अनपरा,संवाददाता। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने दी प्रबन्धन को चेतावनी दी है कि जिस दिन निजीकरण का टेंडर जारी किया जाएगा, उसी दिन प्रदेश के सभी बिजली कर्मचारी सामूहिक जेल भरो आंदोलन प्रारंभ करे देंगे। संयोजक शैलेन्द्र दुबे एवं अन्य केन्द्रीय पदाधिकारियों का आरोप है कि प्रदेश के बिजली कर्मचारी भीषण गर्मी के बीच उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए दिन-रात कार्य कर रहे हैं, किंतु इसके बावजूद प्रबंधन दमन और उत्पीड़न की कार्यवाहियां कर रहा हैं, जो कतई अस्वीकार्य हैं। आगाह किया कि यदि उत्पीड़न की कार्यवाहियां तत्काल प्रभाव से वापस नहीं ली गईं, तो बिजली कर्मचारियों में बढ़ रहा आक्रोश और प्रबंधन का दमनात्मक रवैया ऊर्जा निगमों में औद्योगिक अशांति को जन्म देगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी प्रबंधन क...