टूट रही केन की जलधारा, जुगाड़ ही अब एकमात्र सहारा
बांदा, अप्रैल 26 -- बांदा। बुंदेलखंड में सूरज के तीखे तेवरों के साथ ही जनपद में पेयजल संकट गहरा गया है। जीवनदायिनी केन नदी की जलधारा टूटने की कगार पर है, जिससे शहर की दो लाख की आबादी पानी की एक-एक बूंद को तरस रही है। करोड़ों की लागत से बने चैनल और सरकारी दावे गर्मी के आगे दम तोड़ रहे हैं। हालत यह है कि शहर में रोजाना 4.34 एमएलडी पानी की कमी बनी हुई है, जिसे पूरा करने के लिए जल संस्थान अब जेसीबी से नदी की धारा मोड़ने और जुगाड़ से इंटेकबेल तक पानी पहुंचाने की कवायद में जुटा है। आधे से ज्यादा मोहल्लों में आपूर्ति का समय घटकर महज 30 मिनट रह गया है, वहीं खराब पड़े हैंडपंपों और टैंकरों की कमी ने जनता की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। यह भी पढ़ें- अमृत सरोवर व नहरें सूखे, पशु-पक्षियों और किसानों पर संकट यह नजारा आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान' की प...
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