टूटी हुई टांग पर चढ़ा दिया प्लास्टर, अब 35 लाख रुपये भरेगा डॉक्टर; कहां हुई चूक?
नई दिल्ली, सितम्बर 5 -- दिल्ली की एक महिला के पैर में फ्रैक्चर हुआ। उसे सर्जरी की जरूरत थी। लेकिन इसके बावजूद डॉक्टर ने प्लास्टर से इलाज कर दिया। अब उस डॉक्टर को 35 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया गया है। दिल्ली राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने महिला के पैर के फ्रैक्चर के इलाज में लापरवाही के मामले में डॉक्टर को जिम्मेदार ठहराया है। आयोग की अध्यक्ष संगीता ढींगरा सहगल और सदस्य पिंकी ने महिला की याचिका पर सुनवाई की। महिला ने अपने शारीरिक और मानसिक कष्ट के लिए 70 लाख रुपये मुआवजे की मांग की थी। 2 सितंबर को दिए आदेश में आयोग ने कहा कि मरीज को महीनों तक इंतजार कराया गया और केवल अस्थायी प्लास्टर लगाकर यह भरोसा दिया गया कि फ्रैक्चर 8 से 10 महीने में अपने आप ठीक हो जाएगा, जबकि उसे तत्काल सर्जिकल इलाज की जरूरत थी।घर में गिरने से हुआ था पै...
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