टीबी से जंग में खाली पदों का 'कवच', कैसे जिला बनेगा टीबी मुक्त
पीलीभीत, सितम्बर 27 -- पीलीभीत। प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए सरकार की ओर से तमाम योजनाएं संचालित की जा रही हैं। टीबी मरीजों की पहचान से लेकर जांच और उपचार तक बेहतर सुविधाएं देने का दावा किया जा रहा है, लेकिन जिले में टीबी उन्मूलन अभियान स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। जिला क्षय रोग केंद्र में जिला कार्यक्रम अधिकारी और प्राइवेट चिकित्सक मैनेजर के पद लंबे समय से खाली चल रहे हैं। वहीं कई टीबी केंद्रों पर सुपरवाइजर और लैब टेक्नीशियन की कमी बनी हुई है। जिले में टीबी मरीजों की पहचान, जांच, उपचार और निगरानी के लिए अलग-अलग केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। अमरिया, बिलसंडा, दियूरिया और हजारा और न्यूरिया में सुपरवाइजर की कमी है। सुपरवाइजर पर मरीजों की निगरानी, उपचार की स्थिति और दवा सेवन समेत कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां रह...
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