लखनऊ, अगस्त 20 -- लखनऊ, संवाददाता। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के वैज्ञानिकों ने टीबी बैक्टीरिया के संभावित ड्रग पंप की पहचान की है। शोध में सामने आया है कि तपेदिक (टीबी) पैदा करने वाला जीवाणु माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस पायराजिनामाइड (पीजेडए) को अपनी कोशिकाओं से बाहर पंप कर सकता है। इस प्रक्रिया को ड्रग इफ्लक्स कहा जाता है, जो दवा प्रतिरोध में योगदान दे सकती है। यह शोध जैव प्रौद्योगिकी विभाग के डॉ. युसूफ अख्तर, प्रो. दिनेश राज मोदी और शोध छात्रा दीप्ति धूसिया ने किया है। वैज्ञानिकों के अनुसार एंटीबायोटिक से बचने के लिए बैक्टीरिया इफ्लक्स ट्रांसपोर्टर्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये आणविक पंप की तरह काम करते हुए दवाओं को कोशिका से बाहर निकालते हैं और इस तरह कोशिका के भीतर दवा की प्रभावी मात्र...