देहरादून, मार्च 24 -- देहरादून। विश्व क्षय रोग दिवस पर मैक्स अस्पताल के विशेषज्ञों ने बीमारी के प्रति जागरूकता और सटीक उपचार पर जोर दिया है। श्वास रोग विभाग के मुख्य परामर्शदाता डॉ. विवेक कुमार वर्मा ने बताया कि लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना और रात में पसीना आना टीबी के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। इन्हें नजरअंदाज करने से बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। डॉ. वर्मा ने चेतावनी दी कि दवा का कोर्स बीच में छोड़ना घातक है, क्योंकि इससे दवा-प्रतिरोधी टीबी होने का खतरा रहता है। उन्होंने सामाजिक झिझक को खत्म कर शुरुआती जांच कराने की अपील की। अस्पताल प्रशासन ने टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य की दिशा में उन्नत उपचार और जांच सुविधाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...