लखनऊ, अप्रैल 12 -- बीकेटी, संवाददाताबीकेटी के एक निजी अस्पताल में टीबी के गलत इलाज से रोगी की रोशनी कम हो गई। पीड़ित का आरोप है कि इलाज के नाम सात लाख रुपये ले लिये। दोबारा जांच में टीबी नहीं निकली। पीड़ित ने गलत इलाज से आंखों के दुष्प्रभाव व सात लाख रुपये लेने का आरोप लगाते हुए अस्पताल संचालक व डॉक्टर के खिलाफ बीकेटी थाने में तहरीर दी है। इलाज से जुड़े दस्तावेज और रुपये की रसीदें पुलिस को दी हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।सीतापुर रोड स्थित सरैया मोड़ निवासी संजय सिंह (49) का कहना है कि सात दिसंबर 2025 को तबीयत खराब होने पर बीकेटी के एक निजी अस्पताल के डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने जांच में टीबी होने की बात कहकर रोगी को भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया। रोगी का पांच दिन तक इलाज चला। अस्पताल से छुट्टी के बाद भी दवाएं चलती रहीं। 16 दिसं...