मैनपुरी, मार्च 19 -- एसएसके एडवोकेसी की कार्यशाला में डीएम अंजनी कुमार सिंह ने स्वास्थ्य विभाग को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि संदिग्ध मरीजों की टीबी और एचआईवी जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए। अब ये बीमारियां लाइलाज नहीं हैं। यदि टीबी का मरीज नियमित दवा ले, तो वह पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है। एचआईवी संक्रमित व्यक्ति भी नियमित उपचार से वायरस को निष्क्रिय रख सकता है और एक सामान्य व सुरक्षित जीवन जी सकता है। डीएम ने जोर दिया कि समाज में इन बीमारियों से जुड़े कलंक और भेदभाव को समाप्त करना आवश्यक है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. आशुतोष ने बताया कि जनपद में चिह्नित मरीजों की नियमित देखभाल की जा रही है। उन्हें समय पर निःशुल्क दवाएं और सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली पोषण धनराशि का भुगतान डीबीटी के माध्यम से सीधे खातों में किया जा रहा है। उन्होंने यह भी ...