बोकारो, अगस्त 11 -- गोमिया प्रखंड के ललपनिया के झारखंड आंदोलन और टीटीपीएस विस्थापित आंदोलन के जुझारू योद्धा बाबूचंद बास्के का मंगलवार सुबह निधन हो गया। वे पिछले कई दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। टीटीपीएस विस्थापित आंदोलन के इतिहास में बाबूचंद बास्के की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। 1987 के आसपास हुए 72 घंटे के ऐतिहासिक चक्का जाम आंदोलन के दौरान विस्थापितों के हक-अधिकार की लड़ाई को निर्णायक धार मिली थी। इस आंदोलन में दिशोम गुरु शिबू सोरेन को बुलाने का श्रेय भी बाबूचंद बास्के को जाता है। आगे चलकर इसी संघर्ष ने टीटीपीएस विस्थापितों के हक और अधिकार की लड़ाई को नई दिशा दी। यह भी पढ़ें- Bokaro News: विस्थापितों के अधिकारों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं : ललित नारायण दिशोम गुरु शिबू सोरेन और बाबूचंद बास्के की मित्रता भी खास थी। गुरुजी जब केंद्र सरकार में क...