रांची, जुलाई 10 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) नियुक्ति से जुड़े शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि सरकार की प्रशासनिक लापरवाही का नुकसान अभ्यर्थियों को नहीं उठाना पड़ेगा। अदालत ने प्रशासनिक कारणों से करीब तीन वर्ष की देरी से नियुक्त हुए शिक्षकों को उनके साथ चयनित अन्य अभ्यर्थियों के समान वरीयता, अपग्रेड वेतनमान और वेतन वृद्धि का लाभ देने का निर्देश दिया है। जस्टिस दीपक रोशन के कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया कि वह 12 सप्ताह में प्रार्थियों को समान वरीयता, अपग्रेड वेतनमान और वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ प्रदान करे। इस संबंध में अजय कुमार समेत आठ याचिकाओं पर सुनवाई करते कोर्ट ने फैसला सुनाया। प्रार्थी पलामू, गढ़वा, हजारीबाग, कोडरमा, बोकारो, चतरा, धनबाद और गिरिडीह समेत विभिन्न ज...