नई दिल्ली, मार्च 15 -- चंद्रकांत लहारिया,स्वास्थ्य नीति विशेषज्ञ पिछले सप्ताह सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को कोविड-19 टीकाकरण के बाद होने वाली गंभीर दुर्घटनाओं के लिए 'नो-फॉल्ट मुआवजा नीति' तैयार करने को कहा है। अदालत ने कहा कि टीकाकरण अभियान सरकार के माध्यम से संचालित होते हैं और इसलिए उनके साथ जवाबदेही और मुआवजे की व्यवस्था भी होनी चाहिए। यह नागरिकों और सरकार के बीच मौजूद 'सामाजिक अनुबंध' का हिस्सा है। निस्संदेह, टीके हर वर्ष लाखों लोगों की जान बचाते हैं, लेकिन बहुत ही दुर्लभ परिस्थितियों में वे गंभीर दुष्प्रभाव भी दिखा सकते हैं। एक परिपक्व स्वास्थ्य व्यवस्था इस आशंका को स्वीकार करती है, प्रभावित लोगों को भरपाई करती है और टीकाकरण के प्रति समाज के भरोसे को अधिक मजबूत बनाती है। यही वह संदर्भ है, जहां 'नो-फॉल्ट मुआवजा प्रणाली' की अवध...
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