कानपुर, जुलाई 5 -- कानपुर। प्रमुख संवाददाता राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश (प्राथमिक संवर्ग), कानपुर नगर इकाई ने टीईटी लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की सेवा सुरक्षा को सरकार सुनिश्चित करें। इसको लेकर संगठन ने सांसद देवेंद्र सिंह भोले को ज्ञापन सौंपा।वरिष्ठ शिक्षक नेता डॉ. शैलेंद्र द्विवेदी ने बताया कि 23 अगस्त 2010 को एनसीटीई की ओर से टीईटी को न्यूनतम शैक्षिक अर्हता घोषित किया गया था। इससे पहले उत्तर प्रदेश में नियुक्त हुए शिक्षकों की नियुक्तियां उस समय प्रभावी नियमों एवं निर्धारित योग्यता के आधार पर विधिवत की गई थीं। महासंघ ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के 29 मई 2026 के निर्णय के बाद टीईटी लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों में अपने भविष्य को लेकर चिंता व्याप्त है। महासंघ ने सांसद से इस विषय को भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरक...