गोरखपुर, मई 30 -- गोरखपुर, निज संवाददाता। विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष तारकेश्वर शाही ने टीईटी संबंधी सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय पर गहरी असहमति व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय लाखों शिक्षकों के मन में अनेक प्रश्न और पीड़ा छोड़ गया है। उनका तर्क है कि आरटीई एक्ट की धारा के तहत शिक्षक की न्यूनतम योग्यता निर्धारित करने का अधिकार एनसीटीई को प्राप्त है तथा एनसीटीई की वर्ष 2010 की अधिसूचना में आरटीई लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्य नहीं बताया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि जब संबंधित प्रावधान को न तो हटाया गया, न संशोधित किया गया और न ही किसी सक्षम न्यायालय ने अवैध घोषित किया, तो पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता किस आधार पर लागू की जा रही है। यह भी पढ़ें- TET : टीईटी पर SC क...