रामपुर, मई 12 -- टीईटी के विरोध में शिक्षक एक बार फिर लामबंद होने लगे हैं। फरवरी माह में कई दिन तक चले आंदोलन और दिल्ली में धरना-प्रदर्शन के बाद भी हल न निकलने पर अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ ने सोमवार को ट्विटर अभियान चलाते हुए अपनी मांगों को बुलंद किया। शिक्षको ने सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक ट्विटर पर टीईटी नीति में सुधार और शिक्षकों का सम्मान जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होंगी, यह महा-संग्राम डिजिटल से धरातल तक जारी रहे जैसे स्लोगन लिखकर अपनी आवाज को बुलंद किया। टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) कक्षा 1 से 8 तक सरकारी शिक्षक बनने के लिए अनिवार्य अर्हता परीक्षा है। यह परीक्षा बाल विकास और शिक्षण कौशल का आंकलन करती है। इसका विरोध मुख्य रूप से सेवारत (पहले से नियुक्त) शिक्षक कर रहे हैं। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर 2025 से सभी शि...