उन्नाव, मार्च 12 -- उन्नाव। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता पर शिक्षकों का आक्रोश थम नहीं रहा है। शिक्षकों की नौकरी और प्रमोशन में टीईटी की बनी बाध्यता को समाप्त करने के लिए गुरुवार को भी उनका विरोध प्रदर्शन बना रहा। सभी ने 2011 से पूर्व तैनाती वाले शिक्षकों को इस तरह की बाध्यता से मुक्त करने पर आवाज तेज की। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के बैनर तले पीएसपीएसए के जिलाध्यक्ष संजीव संखवार और कोषाध्यक्ष अमित तिवारी के नेतृत्व में गुरुवार को अटवा सफीपुर में शिक्षकों ने बड़ी संख्या में एकत्र होकरशिक्षक पात्रता परीक्षा का विरोध किया। शिक्षक नेता संजीव, अमित, सौरभ कुशवाहा आदि ने कहा कि आरटीई लागू होने से पूर्व जो भी शिक्षक नियुक्त हुए हैं उनके साथ इतने वर्षों की सेवा के बाद इस तरह का कोई भी कदम अन्यायपूर्ण है, इससे देश भर का शिक्ष...