कानपुर, फरवरी 11 -- कानपुर देहात, संवाददाता। शिक्षकों के लिये टीईटी की अनिवार्यता को लेकर केन्द्र सरकार के मंत्री जयंत चौधरी के संसद में दिये गये जवाब से शिक्षक भड़क गये हैं। सरकार से राहत मिलने की उम्मीद लगाये शिक्षकों की नौकरी खतरे में दिखी तो बुधवार को दोपहर बाद माती मुख्यालय पर प्रदर्शन कर जयंत चौधरी का पुतला दहन किया। सुप्रीम कोर्ट की ओर से बेसिक शिक्षा में सभी शिक्षकों के लिये टीईटी की अनिवार्यता की गई है। सिर्फ पांच वर्ष रिटायरमेंट के शेष बचने वाले शिक्षकों को ही इससे राहत है। इस निर्णय के खिलाफ शिक्षक संगठन के साथ कई राज्य सरकारें सुप्रीम कोर्ट में रिवीजन दाखिल कर चुके हैं। वहीं शिक्षक संगठनों को केन्द्र सरकार से शिक्षकों के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट में पैरवी की उम्मीद थी। वहीं सांसद लालजी वर्मा के प्रश्न के जवाब में केन्द्रीय शिक्षा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.