मैनपुरी, मार्च 12 -- बेवर, । टीईटी अनिवार्यता के विरोध में कस्बा के डाकघर पर बड़ी संख्या में शिक्षक जमा हुए और प्रदर्शन किया। इस दौरान शिक्षकों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश व सीएम को पत्र भेजा। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के जिला संयोजक सुजीत चौहान ने बताया कि 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षक व शिक्षिकाओं पर टीईटी थोपा जाना अन्यायपूर्ण है। यह लड़ाई शिक्षकों के अस्तित्व की लड़ाई है। इसे हमें हर मोर्चे पर लड़ना होगा। आरटीई एक्ट लागू होने से पूर्व नियुक्त व टेट से छूट प्राप्त शिक्षकों के लिए सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एक सितंबर 2025 को टेट अनिवार्य किया जाना पूर्व से स्थापित शिक्षक भर्ती नियमों के विपरीत है। जिसके चलते वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों का भविष्य संकट में पड़ गया है। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह कार्रवाई कर...
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