चंदौली, फरवरी 26 -- चंदौली, संवाददाता। टीईटी अनिवार्यता के विरोध में गुरुवार को टीचर्स फेडरेशन ऑफ इण्डिया के नेतृत्व में शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान इस काले कानून के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च भी किया। वहीं प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। साथ ही इस टीईटी अनिवार्यता में छूट दिए जाने की मांग किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य में शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 27 जुलाई 2011 से लागू किया गया है। अधिनियम के अनुसार उसके प्रभावी होने की तिथि से अथवा उसके बाद नियुक्त होने वाले शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) होना अनिवार्य किया गया है। जबकि अधिनियम के पूर्व में नियुक्त सभी शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त रखा गया है। लेकिन सर्वोच्च...
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