मथुरा, जून 18 -- अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रदेशीय नेतृत्व के आव्हान पर गुरुवार को शिक्षकों ने टीईटी अनिवार्यता के विरोध में धरना-प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधि के रूप में उपजिलाधिकारी सुशील कुमार को ज्ञापन सौंपा। प्रादेशिक वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. कमल कौशिक के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षकों ने एनसीटीई की 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना तथा उत्तर प्रदेश में 27 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त एवं सेवारत शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता लागू किए जाने का विरोध जताया। डॉ. कौशिक ने कहा कि टीईटी लागू होने से पहले नियुक्त देशभर के 20 लाख से अधिक शिक्षकों पर इसकी अनिवार्यता थोपना नैसर्गिक न्याय तथा तत्कालीन नियुक्ति प्रावधानों का उल्लंघन है। यह भी पढ़...