संभल, मार्च 25 -- उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की जिला स्तरीय बैठक जूनियर हाई स्कूल बहजोई में आयोजित की गई। बैठक के दौरान राइट टू एजुकेशन (आरटीई) एक्ट से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य किए जाने के निर्णय पर गहरा रोष व्यक्त किया गया। जिलाध्यक्ष अंजीव कुमार श्रोत्रिय ने कहा कि आरटीई एक्ट से पहले नियुक्त सभी शिक्षक अपनी निर्धारित योग्यता के आधार पर चयनित हुए थे। ऐसे में 20 से 30 वर्षों की सेवा पूरी कर चुके शिक्षकों पर अब टीईटी की बाध्यता थोपना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस काले कानून का पुरजोर विरोध किया जाएगा। इसको लेकर 4 अप्रैल को देशभर के शिक्षक दिल्ली के रामलीला मैदान में एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने बताया कि टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले लगभग 25 लाख शिक्षक इस आंदोलन में शामिल ह...