प्रयागराज, जून 18 -- आरटीई लागू होने से पूर्व नियुक्त परिषदीय शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से छूट देने की मांग को लेकर अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ से जुड़े शिक्षकों ने गुरुवार को पत्थर गिरजाघर सिविल लाइंन स्थित धरनास्थल पर प्रदर्शन कर जिला प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री, केन्द्रीय शिक्षा मंत्री एवं मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। जिलाध्यक्ष कामतानाथ ने कहा कि 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों एवं उत्तर प्रदेश में 27 जुलाई 2011 को आरटीई लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की नियुक्तियां उस समय प्रभावी नियमों एवं पात्रताओं के अनुरूप पूरी तरह वैध थीं। बाद में निर्धारित पात्रता अथवा योग्यता मानदंडों को पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर लागू करना न्यायोचित प्रतीत नहीं होता। यह भी पढ़ें- टीईटी के विरोध में शिक्षकों का फूटा गुस्सा जिला महामंत्री...