बलिया, मार्च 13 -- बलिया, संवाददाता। वर्ष 2011 से पहले तैनात शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता के खिलाफ अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के निर्देश पर जिले के प्रमुख शिक्षक संगठनों ने अपनी आवाज बुलंद की। नौ से 15 मार्च तक प्रस्तावित आंदोलन के प्रथम चरण 'शिक्षक की पाती' के तहत गुरुवार को शिक्षकों ने प्रधान डाकघर पर प्रदर्शन किया। साथ ही राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश, मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष को 1100 पोस्ट कार्ड तथा ई-मेल भेजे। आंदोलन के तहत शिक्षकों व कर्मचारियों ने जिले से एक लाख से अधिक पोस्ट कार्ड, ई-मेल व ट्वीट भेजने का संकल्प लिया। शिक्षक प्रतिनिधियों ने कहा कि यह लड़ाई शिक्षकों के अस्तित्व की है। इसे हर मोर्चे पर लड़ना होगा। शिक्षक एक साथ मिलकर अंतिम संघर्ष के लिए भी तैयार है। कहा कि आरटीई ...