कानपुर, दिसम्बर 20 -- उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ ने एमएलसी अरुण पाठक को ज्ञापन सौंपकर 2011 से पूर्व नियुक्त बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को टीईटी की बाध्यता से मुक्त करने की मांग की। संघ का कहना है कि उच्चतम न्यायालय के निर्णय से अनुभवी शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं, जबकि एनसीटीई ने टीईटी को जुलाई 2011 से अनिवार्य किया था। संघ ने कहा कि 25-30 वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों पर दो वर्ष में परीक्षा उत्तीर्ण करने की बाध्यता मानसिक तनाव उत्पन्न कर रही है। एमएलसी अरुण पाठक ने शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उचित स्तर पर मामला उठाने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर अलका गुप्ता, राशि पाठक, समीक्षा तिवारी, निर्मला पाठक, रेणुका मिश्रा, डॉ. रुचि शुक्ला आदि थे।
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