देहरादून, मार्च 21 -- नई टिहरी। बौराड़ी ईदगाह में ईद की नमाज इमाम मौलाना अशजद कासमी ने अदा करवाई। नमाज के बाद इमाम साहब ने मुल्क की तरक्की, अमन सुकून की दुआ की। नमाज के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव पूर्व राज्य मंत्री मुशर्रफ अली ने कहा कि ईद का त्यौहार रमजान का चांद डूबने और ईद का चांद नजर आने पर उसके अगले दिन चांद की पहली तारीख को मनाया जाता है। इस्लाम में दो ईदों में से यह एक है। इस्लाम मे पहली ईद उल फितर पैगम्बर मुहम्मद साहब ने सन 624 ईसवी में मनाई थी। सबसे अहम मक्सद एक और है कि इसमें गरीबों को फितरा देना वाजिब (जरूरी) है, जिससे वो लोग जो गरीब हैं, मजबूर हैं, अपनी ईद मना सकें नये कपड़े पहन सकें और समाज में एक दूसरे के साथ खुशियां बांट सकें। ईद भाई चारे व आपसी मेल का त्यौहार है। ईद के दिन लोग एक दूसरे के दिल में प्यार बढ़ाने और नफरत...