टास्क: जीटी रोड से मरीन ड्राइव तक-मौत बनकर खड़े रहते हैं ट्रक
गिरडीह, सितम्बर 24 -- बगोदर, प्रतिनिधि। नेशनल हाईवे पर खड़े बेतरतीब वाहन कब मौत बन जाए, कहा नहीं जा सकता। दिल्ली-कोलकाता एनएच-19 हो या जमशेदपुर का मरीन ड्राइव, कहानी एक ही है -ब्रेकडाउन के बाद घंटों हाईवे पर खड़ा ट्रक, न इंडिकेटर, न रिफ्लेक्टर, न साइन बोर्ड। नियम कहता है कि हाईवे पर यदि ब्रेकडाउन ट्रक भी खड़ा है तो उसे इंडिकेटर जलाकर 50-100 मीटर पहले त्रिकोणीय रिफ्लेक्टर और चेतावनी बोर्ड लगाना अनिवार्य है। लेकिन हकीकत में ड्राइवर लाइन होटलों में खाना खाने या खराबी के बाद ट्रक को ऐसे ही छोड़ देते हैं। जमशेदपुर में गुरुवार तड़के करीब 3 बजे यही लापरवाही चार जिंदगियां ले गई। यह भी पढ़ें- कोडरमा में भी रांची-पटना रोड के किनारे खड़े रहते हैं मौत के ट्रक, कोई देखनेवाला नहींसमस्या का पुनरावलोकन बगोदर में भी यही हाल है। एक सप्ताह पूर्व ही नेशनल हा...
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