जमशेदपुर, जनवरी 16 -- टाटा स्टील के पीएफ ट्रस्टी से जुड़े एक मामले ने तूल पकड़ लिया है। एक ही जमीन पर करीब 32 कर्मचारियों को फर्जी दस्तावेज के सहारे पीएफ लोन दिलाने और इसके एवज में अवैध वसूली की चर्चा टाटा वर्कर्स यूनियन कार्यालय में जोर-शोर से हो रही है। यूनियन के भीतर चर्चा है कि पीएफ ट्रस्टी में शामिल यूनियन सदस्य कुछ कर्मचारियों को लोन दिलाने के नाम पर उनसे पैसे की वसूली कर रहे हैं। आरोप है कि दस्तावेज की सही तरीके से जांच किए बिना लोन स्वीकृत कराए जा रहे हैं। वहीं, ट्रस्ट से जुड़े लोगों का कहना है कि जिस लोन को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वह नॉन रिफंडेबल लोन होता है। इसमें कर्मचारियों का ही पैसा उन्हें दिया जाता है। इसलिए दस्तावेजों की गहन जांच नहीं की जाती। इसके विपरीत, रिफंडेबल लोन के मामलों में पूरी प्रक्रिया और जांच-पड़ताल के बाद ही स्...
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