नई दिल्ली, अगस्त 26 -- नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने टाटा स्टील के खिलाफ कर अधिकारियों द्वारा जारी 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के जीएसटी मांग एवं कारण बताओ नोटिस को रद्द कर दिया है। यह नोटिस इनपुट कर क्रेडिट के कथित तौर पर गलत तरीके से इस्तेमाल से संबंधित था। न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन की पीठ ने कहा कि टाटा स्टील की ओर से कर चोरी या अतिरिक्त आईटीसी का लाभ उठाने के लिए जानबूझकर कोई प्रयास किए जाने के तथ्य सामने नहीं आए हैं। कर अधिकारियों ने टाटा स्टील को वित्त वर्ष 2018-19 से 2022-23 की अवधि के लिए एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी मांग का नोटिस थमाया था।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...