नई दिल्ली, सितम्बर 15 -- भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई ने टाटा संस की अनिवार्य लिस्टिंग से जुड़े मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट में पहले ही केविएट दाखिल कर दिया है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि इस मामले को लेकर अगर कोई कोर्ट जाता है, तो अदालत कोई भी आदेश पारित करने से पहले RBI को सुनवाई का मौका दे। यह कदम आरबीआई द्वारा 11 सितंबर को टाटा संस की उस अर्जी को खारिज किए जाने के बाद उठाया गया है, जिसमें कंपनी ने स्वेच्छा से अपना रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट सरेंडर करके खुद को अनरजिस्टर्ड कोर इनवेस्टमेंट कंपनी यानी CIC के रूप में वर्गीकृत कराने की मांग की थी। इससे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के इस फैसले ने देश के सबसे बड़े बिजनेस ग्रुप की होल्डिंग कंपनी की सार्वजनिक लिस्टिंग का रास्ता साफ कर दिया है।नोएल टाटा और ट्रस्टी की क्या है मंशा द इनॉमिक टाइम्स की ख...