जमशेदपुर, अप्रैल 11 -- टाटा लीज प्रकरण में जिला प्रशासन का काम एक बार फिर बढ़ गया है। उसने मार्च 2025 तक के बकाये के आधार पर जो हिसाब जोड़कर राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग को भेजा था, उसमें फिर से जोड़-घटाव करना पड़ेगा। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इस आशय का आदेश दिया है। टाटा लीज के मार्च 2025 तक के बकाये का हिसाब लगभग 319 करोड़ बनता है। अब इसे दिसंबर 2025 तक जोड़कर हिसाब मांगा गया है, क्योंकि टाटा लीज की अवधि 31 मार्च 2025 तक ही थी। इससे पूर्व पिछले साल नवंबर में टाटा स्टील प्रबंधन के प्रस्ताव के आलोक में टाटा लीज के नवीकरण का मसौदा राज्य सरकार को भेजा जा चुका है। उसमें दोगुना राजस्व वृद्धि का प्रस्ताव है। पिछली बार भी ऐसा ही हुआ था। शुरू में जिला प्रशासन चाहता था कि राजस्व को तीनगुना बढ़ाया जाए, परंतु टाटा स्टील ने परंपरा की दुह...
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