नई दिल्ली, अक्टूबर 8 -- गृह मंत्री अमित शाह के घर पर हुई 45 मिनट की बैठक में केंद्र सरकार ने टाटा समूह के टॉप लीडरशिप को सख्त संदेश दिया कि टाटा ट्रस्ट्स में स्थिरता बनाए रखें और आंतरिक विवादों को नियंत्रित करें ताकि उनका असर टाटा सन्स पर न पड़े, जो देश का सबसे मूल्यवान व्यवसायिक समूह है। इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और टाटा समूह के चार वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल थे। इनमें टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा, वाइस चेयरमैन वेनु श्रीनिवासन, टाटा सन्स के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन और ट्रस्टी डेरियस खंबाटा।सरकार का स्पष्ट संदेश : आंतरिक मतभेद न बढ़ें सरकार का मानना है कि टाटा ट्रस्ट्स के भीतर चल रहे मतभेद अगर समय पर सुलझाए नहीं गए, तो यह पूरे समूह की कार्यप्रणाली पर असर डाल सकते हैं। मंत्रियों ने कंपनी नेतृत्व को इस बा...
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