नई दिल्ली, अक्टूबर 5 -- सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आदेश दिया कि कच्छ की खाड़ी में एक मरीन सेंक्चुरी को कथित तौर पर पर्यावरण का नुकसान पहुंचाने के मामले में टाटा केमिकल्स के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई न की जाए। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने गुजरात हाईकोर्ट के 25 मई के फैसले को चुनौती देने वाली कंपनी की याचिका पर नोटिस जारी किया। पीठ ने इस मामले में 2 नवंबर तक गुजरात सरकार से जवाब मांगा और कहा कि इस बीच, याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी। टाटा केमिकल्स की ओर से कोर्ट में पेश हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक सिंघवी ने कहा कि इस मामले में पर्यावरण को नुकसान और अतिक्रमण से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। यह भी पढ़ें- ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट संबंधी केंद्र की याचिका ख...