नई दिल्ली, जुलाई 11 -- अरुणाचल प्रदेश से लगी भारत-चीन सीमा से महज 50 किलोमीटर की दूरी पर तिब्बत में दुनिया का सबसे बड़ा जलविद्युत प्रोजेक्ट मेदोग हाइड्रोपावर स्टेशन बन रहा है। यह परियोजना एक बड़े भूगर्भीय खतरे की जद में है। चीन के सरकारी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण से जुड़े वैज्ञानिकों ने भी इसको लेकर चिंता जताई है। चीनी वैज्ञानिकों के अध्ययन में खुलासा हुआ है कि यह विशालकाय बांध एक बेहद सक्रिय फॉल्ट लाइन यानी भूकंपीय दरार के ठीक ऊपर बनाया जा रहा है। इस खुलासे ने ब्रह्मपुत्र नदी पर बन रहे इस मेगा-प्रोजेक्ट की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर नए और गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, सेडिमेंट्री जियोलॉजी एंड टेथियन जियोलॉजी जर्नल में प्रकाशित एक चीनी शोध पत्र में शोधकर्ताओं ने यारलुंग त्सांगपो नदी पर स्थित मेदोग...